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1222-1222-1222-122 न जाने आज क्यों है दर्द से दोहरा हुआ दिल, संभाले से सँभलता ही नहीं टूटा हुआ दिल//1 वफ़ा की राह तो आसां नहीं है, जानता है, मुहब्बत में तुम्हारी ...